मेरे पापा
मेरे पापा
हरपल जिन आंखों में मुझे प्यार है दिखता,
जिनकी हर बात में परवाह होती है मेरी,
मेरी हर बात, हर बार जो हैं मान जाते,
वो हैं मेरे पापा, हां वो मेरे प्यारे पापा।
मेरी हर ख्वाहिश जहां हो जाती है पूरी,
इक मांगूं और चार खिलौने मिलते हैं जहां,
जो मंदिर, मस्जिद या गुरु घर से कम नहीं,
मेरे पापा का प्यारा सा आशियाना है वो।
मेरे बच्चों पर कितना प्यार हैं लुटाते,
फिर भी ये कह उन्हें डांट है लगाते,
क्यों तंग करते हो तुम, मेरी बेटी को,
देखो वो परेशान हो गई, तुम्हारी वजह से,
चलो घुमा कर लाता हूं तुम को,
थोड़ा सुकून उसे भी मिल जाए,
ऐसे कह उन्हें प्यार से जो बहलाए,
वो हैं मेरे पापा, हां वो मेरे प्यारे पापा।
मेरे मान -सम्मान, स्वाभिमान के हैं रक्षक,
मेरी मुस्कान के भी अंदाज हैं पहचानते ,
मेरी झुंझलाहट को भी प्यार से सह जाते,
कितना अच्छे से हैं वो मुझे जानते,
वो हैं मेरे पापा, हां वो मेरे प्यारे पापा।
हैप्पी फादर्स डे
कंचन चौहान, बीकानेर
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