भाई-बहन का रिश्ता 💞
💞 भाई-बहन का रिश्ता 💞
✍️ कंचन चौहान
एक आंगन में खेला बचपन, इक माँ-बाप की संतान हैं वे,
कहते हैं जिनको भाई-बहन, माँ-पापा की जान हैं वे।
घर की खुशियाँ और हैं रौनक, जीवन का श्रृंगार हैं वे,
एक ही खून ने सींचा उनको, एक-दूजे की जान हैं वे।
हर मुश्किल में साथ खड़े हों, एक-दूजे की ढाल हैं दोनों,
भले ही कितने लड़े हों दोनों, बेशक जिद पर अड़े हों दोनों,
मुश्किल जब आती है सिर पर, एक-दूजे के साथ हों दोनों।
एक वक्त के बाद दूर हो जाते, अपना-अपना संसार बसाते,
दिल से दूर कभी नहीं जाते, खून से जुड़े हुए यह नाते।
राखी-भाई-दूज मनाते, अपने रिश्ते खूब निभाते,
एक-दूजे को तोहफ़े देते, एक-दूजे पर प्यार लुटाते।
भाई रक्षा का वचन हैं देते, बहनें मान बढ़ाती हैं,
भाई का सम्मान बढ़े — बहन दिल से यही चाहती है।
भाई-बहन का प्यारा रिश्ता, दिल से निभाया जाता है,
एक-दूजे का साथ निभाकर, रिश्तों को संजोया जाता है,
एक-दूजे की सोच में रहता — यह रिश्ता भाई-बहन कहलाता है।
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