सबसे बड़ा सवाल

सबसे बड़ा सवाल
✍️ कंचन चौहान

रोटी, कपड़ा और मकान से,
ऊपर उठ गया अब इंसान।
शिक्षा का संचार है अब,
खड़ा सबसे जटिल सवाल।

कब उभरेगा शोषण से,
कब जागेगा मानव-ज्ञान?
सुविधा सबको चाहिए, पर
मेहनत से सब हैं अनजान।

काम नहीं वो पा सका,
जो मेहनत करना चाहें।
बिना काम भटके इंसान,
महंगाई की मार बताएँ।

चार जनों का पालन करते,
बस एक इंसान थक जाए।
सबसे बड़ा सवाल यही —
सब काम कहाँ से पाए?

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