अक्षय तृतीया

    अक्षय तृतीया
अक्षय तृतीया शुभ दिन इतना ,
कुछ भी नयी शुरूआत करो।
हर काम सफल माना जाता,
अक्षय हर दान का फल होता।
सफल दाम्पत्य जीवन होता,
जो इस दिन का गठबंधन हो।
इस दिन की महिमा है भारी,
अखंड सौभाग्य पाते नर-नारी।
अबूझ मुहूर्त कहलाता ये दिन।
अक्षय तृतीया का दिन था पावन,
जब निकल हरि के चरणों से,
धरती पर हुई अवतरित गंगा जी।
गंगा जी के तुल्य ही मानी जाती,
इतनी पावन होती है अक्षय तृतीया।
विष्णु के छठे अवतार का जन्म हुआ,
जिन्हें परशुराम है कहा जाता।
अक्षय तृतीया बड़ा पावन दिन है,
इस दिन हर काम सफल होता।
ये वो पावन दिन है जिसको,
आखा तीज कहा जाता।
इस दिन की महिमा बड़ी भारी,
यह अबूझ मुहूर्त है कहलाता।
खीचड़ा वो बाजरे का, और
इमली का पानी,
आकाश में उड़ती रंगीन पतंगें,
चहुं ओर गूंजे शहनाई की तान
इस दिन की है ये खास पहचान।
अबूझ मुहूर्त कहलाए आखातीज,
इस दिन की है महिमा बड़ी महान।
कंचन चौहान, बीकानेर 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

रेत की मछली (पुस्तक समीक्षा)

शरतचंद्र चट्टोपाध्याय का प्रसिद्ध उपन्यास "बड़ी दीदी "

✨ It’s good to be confused at times... ✨